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इस्लाम में सुन्नत और वाजिव के बीच क्या फर्क होता है? जानिए कारण GK In Hindi General Knowledge

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इस्लाम में सुन्नत और वाजिव के बीच क्या फर्क होता है? जानिए कारण GK In Hindi General Knowledge : इस्लाम समाज में कुल पांच फर्ज होते हैं ! जिन्हें करना उनके लिए बहुत ही जरूरी होता है ! इसमें प्रतिदिन नमाज पढ़ने, रमजान के महीने में रोजा रखना, जकात रखना, हज की यात्रा पर जाना और कलमा पढ़ना का पालन करना होता है !

इस्लाम में सुन्नत और वाजिव के बीच क्या फर्क होता है? जानिए कारण GK In Hindi General Knowledge

इस्लाम समाज के लोग पूरी दुनिया में अधिकतर देशों में मौजूद हैं ! और वह सभी अपने जीवन को इस्लामी मूल्यों, सिद्धांतों और नियमों के आधार पर चलते हैं !

इस्लाम समाज में अधिकतर ईमानदारी, न्याय, सच्चाई और दया को तबज्जो दिया जाता है ! मुस्लिम समाज के लोग अपने धार्मिक और सामाजिक जीवन में इन बातों का पालन करते हैं !

लेकिन क्या आप जानते हैं कि मुस्लिम समाज के लोग धर्म मानने वाले सुन्नत और वाजिब का भी पालन करते हैं ! अगर नहीं, तो चलिए आज हम आपको इसके बारे में पूरी जानकारी बताने की कोशिश करते हैं !

GK In Hindi General Knowledge मुस्लिम समाज में पांच फर्ज क्यों वाजिब है?

कलमा – मुस्लिम समाज का पहला और बेहद अहम हकीदत, जिसे ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मदूर रसूलअल्लाह कहा जाता है ! इसका मतलब होता है कि एक भगवान के सिवा कोई मौजूद नहीं है !

और मोहम्मद उनके दूत है यह मुसलमान का सबसे खास आदर्श है ! और उन सभी की धार्मिक पहचान का आधार है ! कलमा को मानने वाले लोग मुस्लिम समुदाय का हिस्सा माना जाता है ! और यह उनके धार्मिक समर्थन का खास प्रतीक होता है !

General Knowledge नमाज

नमाज मुस्लिम समुदाय में बेहद खास आध्यात्मिक अभ्यास है ! जिसमें प्रतिदिन पांच बार अल्लाह की इबादत की जाती है ! अजान होने के बाद यह मुसलमान को अल्लाह की याद दिलाता है !

और उन्हें इसकी आज्ञाओं का पालन करने के लिए प्रेरित करता है ! पांच बार की नमाज ( फर्ज, जोहर, आर्स, मगरिब और ईशा ) होती है ! जिसे सुबह से रात होने तक अलग-अलग समय पर पढ़ी जाती है !

GK In Hindi जकात

यह सामाजिक और आर्थिक न्याय का एक साधन है ! जिसमें मालिक अपनी माल संपत्ति का एक निश्चित हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों को देता है ! जकात सामाजिक और आर्थिक न्याय को बढ़ावा देती है !

यह अमीर और गरीब के बीच की खाई को कम करने में मदद करती है ! जकात का खास मकसद समाज के निधन और जरूर करना होता है !

General Knowledge रोजा

मुस्लिम समुदाय में रोजा रखा जाता है ! इसका मतलब होता है कि उपवास करना ! रोजा को रमजान के महीने में किया जाता है ! यह मुस्लिम समुदाय के वाजिब कामों में से एक है !

ऐसा कहा जाता है कि जब कोई शख्स रोजा रखता है तो वह खाने पीने और बुरे ख्यालों से दूर रहता है ! इससे उसकी आत्मा और मन पवित्र होते हैं और वह अल्लाह के करीब आता है !

GK In Hindi हज

हज मुस्लिम समुदाय के वाजिब कामों में से एक है ! हर साल मक्का के लिए यात्रा करने को कहा जाता है इस दौरान मस्जिद ए हरम में तवाफ़ करना होता है !

इस्लाम समाज के लोग अपने जीवन में हज जे कम से कम एक बार पूरा करने की कोशिश करते हैं ! यह पांच फर्ज में से एक है हज के दौरान हाजी अपने गुनाहों के लिए तौबा करता है ! इसमें कई प्रकार की धार्मिक क्रियाएं होती हैं !

GK In Hindi General Knowledge इस्लाम समाज में सुन्नत और वाजिब के बीच क्या फर्क है?

मुस्लिम समुदाय में फर्ज और सुन्नत दो ऐसे खास शब्द हैं ! जो धार्मिक काम को डिस्क्राइब करता है ! फर्ज ड्यूटी यह वही काम होते हैं ! जो मुसलमान के लिए वाजिब मतलब की जरूरी होते हैं !

और उन्हें अपने जीवन में लगातार इन चीजों को निभाना चाहिए ! जबकि फर्ज कामो का ना करना गुनाह माना जाता है ! और सुन्नत मैं वह काम आते हैं ! जो पैगंबर मोहम्मद ने अपनी आदतों और तौर तरीकों से सिखाई थी !

GK In Hindi General Knowledge लेकिन उन्हें करने गुनाह नहीं होता है ! आमतौर पर फर्ज कामों को अदा करना धार्मिक जिम्मेदारी माना जाता है ! और सुन्नत कामों को करने से कोई एक शख्स अपने आत्मा को धार्मिक तौर पर सवार सकता है !

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नमस्ते! मेरा नाम संजय चौधरी है। कृषि से पोस्टग्रेजुएट किया हु ! मुझे लेखन के क्षेत्र में 5 साल का अनुभव है | पिछले 5 साल से विभिन्न वेबसाइट पर अपनी सेवाएं दे रहा हु | मै पर्सनल फाइनेंस, बिज़नेस से सम्बंधित आर्टिकल्स लिखता हु | For Feedback - [email protected]

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